विद्यालयों से कार्यस्थलों तक टिहरी पुलिस का साइबर एवं जनजागरूकता अभियान

टिहरी

विद्यालयों से कार्यस्थलों तक टिहरी पुलिस का साइबर एवं जनजागरूकता अभियान

छात्र-छात्राओं एवं श्रमिकों को साइबर अपराध, नशा, यातायात व महिला-बाल अपराधों के प्रति किया जागरूक

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे के निर्देशन में टिहरी पुलिस द्वारा आमजन, छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न कार्यस्थलों पर कार्यरत कर्मचारियों को साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव, यातायात नियमों एवं महिला-बाल अपराधों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है।

इसी क्रम में थाना हिंडोलाखाल पुलिस द्वारा रा0ई0का0 रणसोलीधार में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस टीम द्वारा छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को नशा मुक्ति अभियान, सड़क सुरक्षा, साइबर क्राइम (विशेषकर डिजिटल फ्रॉड/डिजिटल अरेस्ट), महिला एवं बाल अपराधों के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया।

छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाते हुए यातायात नियमों का स्वयं पालन करने तथा अपने परिजनों को भी यातायात नियमों के पालन हेतु प्रेरित करने की अपील की गई। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे WhatsApp, Facebook एवं Instagram का सकारात्मक एवं शिक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए उपयोग करने, साइबर ठगी से सतर्क रहने, साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 व 112 पर सूचना देने के लिए जागरूक किया गया।

वहीं कोतवाली मुनिकीरेती पुलिस द्वारा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत मैक्स इंफ्रा कंपनी के कार्यस्थल पर पहुंचकर साइबर सुरक्षा जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। परियोजना में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन ठगी एवं विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।

बैंक, पुलिस अथवा सरकारी संस्था के नाम पर आने वाली फर्जी कॉल/मैसेज से सावधान रहने, OTP, ATM PIN, CVV, नेट बैंकिंग पासवर्ड एवं आधार/पैन संबंधी जानकारी साझा न करने तथा फर्जी नौकरी, लॉटरी, निवेश योजना एवं KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की अपील की गई।

इसके साथ ही UPI/QR कोड से भुगतान करते समय सावधानी बरतने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने एवं अनजान व्यक्तियों के साथ धन संबंधी लेन-देन न करने, साइबर क्राइम होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिर्पोटिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने के संबंध में जागरूक किया गया।