अल्मोड़ा
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज की समस्याओं पर संजय पाण्डे ने उठाई आवाज, रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था का आश्वासन, सफाई सुधारने और मरीजों से शालीन व्यवहार करने के निर्देश
अल्मोड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट संजय पाण्डे ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. आशुतोष सयाना से मुलाकात कर अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, नर्सिंग कॉलेज में फैकल्टी की स्थिति, सफाई व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा तथा मरीजों और उनके तीमारदारों को हो रही परेशानियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता आशीष जोशी सहित चिकित्सा एवं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
महानिदेशक प्रो. आशुतोष सयाना ने मेडिकल कॉलेज के आईसीयू, एनआईसीयू, प्रसूति विभाग सहित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने नवनिर्मित भवन और नर्सिंग कॉलेज का जायजा लेने के साथ ही अस्पताल की सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
संजय पाण्डे ने अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की कमी का मुद्दा उठाते हुए जल्द व्यवस्था करने की मांग की। इस पर महानिदेशक प्रो. आशुतोष सयाना ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था करवाई जा रही है। इससे उम्मीद है कि मरीजों को जांच संबंधी परेशानियों से राहत मिलेगी और उन्हें आवश्यक जांच के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
उन्होंने गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी और न्यूरोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही एंबुलेंस और 108 सेवा से जुड़ी समस्याओं की ओर महानिदेशक का ध्यान आकर्षित किया।
संजय पाण्डे ने कहा कि चिकित्सकों और आवश्यक स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों और आवश्यक स्टाफ की तैनाती जरूरी है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए हल्द्वानी, देहरादून या अन्य शहरों की ओर न जाना पड़े।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में डंपिंग जोन के पीछे कूड़ा पड़ा होने का मामला भी सामने आया। संजय पाण्डे ने कूड़े की वीडियो महानिदेशक को दिखाई, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कूड़ा तत्काल हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल के शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने को भी कहा।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि जिन वार्डों में आम दिनों में गंदगी की शिकायतें सामने आती थीं, वे महानिदेशक के निरीक्षण के दिन साफ-सुथरे दिखाई दिए। संजय पाण्डे ने कहा कि उन्होंने पहले ही आशंका जताई थी कि निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर दिखाने के लिए विशेष सफाई कराई जा सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था केवल अधिकारियों के निरीक्षण के दिन ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन बेहतर रहनी चाहिए। मरीजों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की नियमित जिम्मेदारी है।
संजय पाण्डे ने अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ स्टाफ के व्यवहार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उपचार के लिए आने वाले मरीज पहले ही बीमारी और मानसिक परेशानी से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में उनके साथ संवेदनशीलता, सम्मान और शालीनता से व्यवहार किया जाना चाहिए।
इस पर महानिदेशक ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ शालीनता, संवेदनशीलता और सेवा भाव से पेश आने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों की समस्याओं का समाधान करने और अस्पताल में बेहतर वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में नर्सिंग कॉलेज में फैकल्टी की कमी का विषय भी उठाया गया। संजय पाण्डे ने बताया कि कॉलेज में मात्र पांच फैकल्टी के भरोसे शिक्षण व्यवस्था संचालित हो रही है। इनमें एक फैकल्टी संविदा पर कार्यरत है, जबकि एक अन्य फैकल्टी सदस्य सेवानिवृत्त होने वाली हैं। उन्होंने मांग की कि नर्सिंग कॉलेज में पर्याप्त फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई, व्यावहारिक प्रशिक्षण और शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित न हो।
संजय पाण्डे ने कहा कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक, आवश्यक स्टाफ, नियमित सफाई, सुचारु एंबुलेंस सेवा और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि महानिदेशक द्वारा दिए गए निर्देशों और समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों से मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार आएगा। इससे अल्मोड़ा सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
इस दौरान प्राचार्य प्रो. जी. एस .तितियाल प्रो. अशोक कुमार, डॉक्टर अनिल पाण्डे, मिशिगन यूनिवर्सिटी के डीन प्रो. आशीष जोशी, नर्सिंग अधीक्षिका डॉक्टर आशा गंगोला, दीपक जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता आशीष जोशी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
