टिहरी
चंबा ब्लॉक की डडूर ग्राम पंचायत बनी नशामुक्त पंचायत
शादी समारोहों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध, ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव
चंबा ब्लॉक की डडूर ग्राम पंचायत ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पंचायत क्षेत्र को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। सोमवार को ग्राम पंचायत भवन में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में ग्राम प्रधान सुधा उनियाल की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पंचायत क्षेत्र में होने वाले शादी समारोह, जन्मदिन तथा अन्य सामूहिक आयोजनों में शराब का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया जाएगा।
बैठक में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्रामवासी एवं ग्राम समाज सुधार समिति के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार विवाह समारोहों में डीजे रात्रि 12 बजे तक ही संचालित होगा तथा यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर गांव में हुड़दंग करता पाया गया तो उसके विरुद्ध सामाजिक कार्यवाही की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर 11 हजार रुपये तक का दंड निर्धारित किया गया है।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से “ग्राम समाज सुधार समिति” का गठन भी किया गया। समिति में संरक्षक के रूप में ग्राम प्रधान सुधा उनियाल को जिम्मेदारी दी गई। समिति में रेखा नेगी को अध्यक्ष, मंजू रावत को उपाध्यक्ष तथा सुशांत उनियाल को सचिव बनाया गया। एकता रावत को सहसचिव व प्रदीप उनियाल को कोषाध्यक्ष पर नियुक्त की गईं।
इसके अतिरिक्त समिति में प्रदीप साधना (वार्ड नं. 1), सुनीता रावत (वार्ड नं. 2), ममता रावत (वार्ड नं. 3), आरतीडोटियाल(वार्ड नं. 4), बलवंतडोटियाल (वार्ड नं. 5), बीना रावत (वार्ड नं. 6) तथा सत्यसिंह डोटियाल (वार्ड नं. 7) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
ग्राम प्रधान सुधा उनियाल ने कहा कि गांव की नई पीढ़ी को नशे से बचाना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “शराब से परिवार, समाज और संस्कृति को नुकसान पहुंचता है। ग्राम पंचायत ने सामूहिक सहमति से यह निर्णय लेकर एक सकारात्मक पहल की है, जिसका आने वाले समय में अच्छा प्रभाव देखने को मिलेगा।”
“शराब नहीं संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि टिहरी क्षेत्र के 50 से अधिक गांव अब अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं बल्कि सामाजिक चेतना का आंदोलन बनता जा रहा है। उन्होंने डडूर ग्राम पंचायत के इस निर्णय को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि जब गांव स्वयं आगे आकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ निर्णय लेते हैं, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।
ग्राम समाज सुधार समिति के अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि गांव में लंबे समय से सामाजिक सुधार को लेकर प्रयास किए जा रहे थे और अब ग्रामवासियों के सहयोग से यह मुहिम जनआंदोलन का रूप ले रही है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाएं और युवा इस निर्णय से विशेष रूप से उत्साहित हैं तथा सभी लोग मिलकर इस संकल्प को सफल बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज नशे के स्थान पर संस्कार, शिक्षा और सामाजिक चेतना को प्राथमिकता दे। ग्राम पंचायत के इस निर्णय की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।
