कार्रवाई नहीं हुई तो एक सप्ताह बाद उत्तराखंड बंद का आह्वान : मोहित डिमरी
रुद्रप्रयाग
गुलाबराय मैदान स्थित शहीद स्थल पर आयोजित जनसभा में युवा नेता मोहित डिमरी ने कर्णप्रयाग एवं नागरासू में हाल ही में हुए घटनाक्रम को उत्तराखंड की शांति व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मोहित डिमरी ने कहा कि कर्णप्रयाग में स्थानीय युवकों के साथ हुए विवाद के दौरान कुछ निहंग व्यक्तियों द्वारा तलवारों से हमला कर युवकों को घायल किया गया, जबकि इसके बाद नागरासू गुरुद्वारे में कब्जा, तोड़-फोड़, स्थानीय सेवादारों को परेशान करने तथा कई दिनों तक उपद्रव फैलाने जैसी घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रव और हिंसा के आरोपों के बावजूद संबंधित लोगों के विरुद्ध अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि स्थानीय युवकों पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। साथ ही मामले को चमोली और रुद्रप्रयाग से हटाकर हरिद्वार स्थानांतरित किए जाने से भी निष्पक्ष जांच को लेकर जनता के मन में संदेह उत्पन्न हुआ है।
डिमरी ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी धर्म, पंथ या समुदाय से नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सिख समाज का सदैव सम्मान रहा है और उनके साथ भाईचारे के संबंध रहे हैं। विरोध केवल उन तत्वों से है जो कानून को अपने हाथ में लेकर सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु हेमकुंड साहिब सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए उत्तराखंड आते हैं। अधिकांश श्रद्धालु शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से यात्रा करते हैं, लेकिन समय-समय पर कुछ उग्र प्रवृत्ति के लोगों द्वारा हथियारों के प्रदर्शन और विवाद उत्पन्न करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में सरकार को स्पष्ट नियम और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
जनसभा के माध्यम से मोहित डिमरी ने उत्तराखंड सरकार से स्थानीय युवकों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा, उपद्रव और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, धार्मिक यात्राओं के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर स्पष्ट नियम बनाने, मामले की जांच पुनः चमोली एवं रुद्रप्रयाग पुलिस को सौंपने तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार द्वारा मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदेशव्यापी जनआंदोलन शुरू किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर उत्तराखंड बंद का आह्वान भी किया जाएगा।
मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की भूमि है। यहां सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान किया जाता है, लेकिन हिंसा, अराजकता और कानून को चुनौती देने वाली किसी भी गतिविधि को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
