हरेला पर्व पर 65 हजार पौधारोपण का लक्ष्य, प्रत्येक परिवार लगाए एक पौधा : जिलाधिकारी टिहरी

टिहरी

हरेला पर्व पर 65 हजार पौधारोपण का लक्ष्य, प्रत्येक परिवार लगाए एक पौधा : जिलाधिकारी टिहरी

गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में आज ’हरेला कार्यक्रम’ के आयोजन को लेकर सभी जनपद के जिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिसमें जनपद टिहरी से जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल द्वारा वीसी के माध्यम से प्रतिभाग किया गया।

बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में हरेला कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से नर्सरियों से समय पर पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, निर्धारित लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने तथा वृक्षारोपण के उपरांत समयबद्ध रूप से डैशबोर्ड एवं पोर्टल पर जीपीएस टैग्ड फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि जनपद टिहरी गढ़वाल में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले बृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत कुल 65,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बताया कि जनपद को प्राप्त लक्ष्य के अंतर्गत विभिन्न वन प्रभागों को पौधारोपण का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसके अनुसार टिहरी वन प्रभाग को 20,000, नरेंद्रनगर वन प्रभाग को 20,000, मसूरी वन प्रभाग को 10,000, टिहरी डैम वन प्रभाग प्रथम, नई टिहरी को 7,000, टिहरी डैम वन प्रभाग द्वितीय, उत्तरकाशी को 4,000 तथा भूमि संरक्षण वन प्रभाग, उत्तरकाशी को 4,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य दिया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी विद्यालय हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित बृहद वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता करेंगे। इस वर्ष हरेला पर्व की थीम “हर गांव का यह पैगाम, एक पेड़ मां के नाम” निर्धारित की गई है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार बैनर एवं अन्य माध्यमों से किया जाएगा।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी पुनीत तोमर ने जानकारी दी कि वृक्षारोपण कार्यक्रम के उपरांत सभी पौधारोपण स्थलों के जीपीएस टैग्ड फोटोग्राफ ’मेरी लाइफ’ पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे, जिससे अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने नगर निकाय क्षेत्रों में भी प्रत्येक परिवार से अपने घर, आंगन, गमले अथवा उपलब्ध उपयुक्त स्थान पर कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही हरेला अभियान को सफल बनाया जा सकता है।