देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ में गरजे राहुल गांधी, बोले- युवाओं के सामने दो रास्ते: मेहनत या पेपर लीक

देहरादून

देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ में गरजे राहुल गांधी, बोले- युवाओं के सामने दो रास्ते: मेहनत या पेपर लीक

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को देहरादून के रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में पेपर लीक, महंगी शिक्षा और बेरोजगारी को लेकर युवाओं का दर्द छलका।

कार्यक्रम में बदलाव, कार्यकर्ता को दी श्रद्धांजलि
राहुल गांधी दोपहर 1:30 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। तय शेड्यूल शाम 5 बजे का था, लेकिन गुरुवार को कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों के दौरान हुए हादसे में कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता अमर सिंह मेहता की मौत के बाद समय बदला गया। एयरपोर्ट से राहुल सीधे मेहता के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। मंच से संबोधन की शुरुआत उन्होंने अमर सिंह मेहता को श्रद्धांजलि देकर की।

पेपर लीक पर छात्रों ने सुनाया दर्द
संवाद के दौरान छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
– एक छात्रा ने बताया, “2020 में बहुत मेहनत की थी। परीक्षा देकर बाहर निकले तो पता चला पेपर लीक हो गया। मन पूरी तरह टूट गया।”
– दूसरी छात्रा ने कहा, “2025 में पटवारी भर्ती की परीक्षा दी, उसका भी पेपर लीक हुआ। दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।”
– एक छात्र ने कहा, “वर्षों की मेहनत दांव पर लग जाती है, लेकिन सरकार पेपर लीक नहीं रोक पा रही। निजी मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं, सरकारी में सीटें नहीं बढ़ रही।”

राहुल गांधी का हमला: ‘पेपर लीक भ्रष्टाचार का रास्ता’
छात्रों की बात सुनने के बाद राहुल गांधी ने कहा, “आज देश के युवाओं के सामने दो रास्ते हैं। पहला मेहनत का और दूसरा पेपर लीक का। अगर आपके पास पैसा है, आप भ्रष्ट हैं और चोरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए पेपर लीक का रास्ता खुला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।

रिया थापा को किया याद, पिता हुए भावुक
कार्यक्रम में बड़ी स्क्रीन पर पेपर लीक के चलते आत्महत्या करने वाली देहरादून की छात्रा रिया थापा की तस्वीर दिखाई गई। राहुल ने इसे दुखद बताते हुए रिया के पिता राजेश थापा को मंच पर बुलाया। राजेश थापा ने कहा, “रिया रात 3 बजे तक पढ़ाई करती थी। पेपर लीक वाले दिन बहुत रोई थी।”

पूरा परिवार करता है संघर्ष’
राहुल गांधी ने कहा कि करोड़ों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक सामान्य जिंदगी से दूरी बना लेते हैं। छात्र 8-10 घंटे पढ़ते हैं और पूरा परिवार उनके साथ खड़ा रहता है। “कई परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण हर परिवार अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं दिला पाता।”

युवाओं की भारी भीड़, कांग्रेस में उत्साह
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटी। शिक्षा, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर संवाद के लिए बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे। कार्यक्रम में जुटी भीड़ को देखकर कांग्रेस नेताओं के चेहरे खिले नजर आए।