बोर्डिंग स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

टिहरी

बोर्डिंग स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, विद्यार्थियों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लापरवाही न बरतने के निर्देश

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आज जनपद के बोर्डिंग स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं आवश्यकताओं के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, एक पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल तथा एक राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार में छात्र-छात्राओं की संख्या, कार्मिकों की उपलब्धता, पेयजल, छात्रावास एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों के वार्डन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं को ऐसा अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकें, अपनी शैक्षणिक क्षमता में सुधार कर सकें तथा परीक्षाओं में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसमें विशेष रूप से वार्डन की भूमिका महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

बैठक में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं की संख्या तथा वार्डन, अंशकालिक शिक्षक, अकाउंटेंट, हेड कुक, असिस्टेंट कुक एवं चौकीदार सहित विभिन्न कार्मिकों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। अवगत कराया गया कि भिलंगना विकासखंड के अखोड़ी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डन का एक पद तथा प्रतापनगर स्थित विद्यालय में अकाउंटेंट का एक पद रिक्त है। वहीं हेड कुक, असिस्टेंट कुक एवं चौकीदार के सभी पद भरे हुए हैं।

मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान नरेंद्रनगर के आमपाटा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण टैंकर से अस्थायी जलापूर्ति किए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि, इससे पानी की आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने पेयजल की समस्या के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया। बैठक में आमपाटा विद्यालय के अपग्रेडेशन के लिए भेजे गए प्रस्ताव के संबंध में भी अवगत कराया गया कि विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध है तथा प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर दिया गया है।

विद्यालयों द्वारा कंप्यूटर उपलब्ध कराने की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने निर्देश दिए कि आमपाटा, रौतू की बेली सहित अन्य संबंधित विद्यालयों में जल्द ही कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों की लाइब्रेरी में पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं, वे मुख्यालय से आवश्यक पुस्तकें प्राप्त कर लें, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध हो सके।

कुछ विद्यालयों में सोलर गीजर की मरम्मत की आवश्यकता पर जिलाधिकारी ने उरेडा विभाग को निर्देश दिए कि संबंधित स्थलों का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करें तथा मरम्मत के लिए आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत करें। इसके अतिरिक्त जिन विद्यालयों में रोटी मेकिंग मशीन की आवश्यकता है, उन्हें इसके लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। प्रतापनगर के सुजाड़ गांव स्थित विद्यालय में फेंसिंग की आवश्यकता से भी अवगत कराया गया। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि विद्यालयों में आईसीटी कक्ष, लाइब्रेरी, सीसीटीवी कैमरे, रूम हीटर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी, ओपन जिम, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट एवं वेंडिंग मशीन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हैं।

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि विद्यालय में 318 बालक एवं 223 बालिकाएं, कुल 541 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय में शिक्षण कार्मिकों के दो तथा गैर-शिक्षण कार्मिकों का एक पद रिक्त है। विद्यालय में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने, खेल मैदान की मरम्मत, सोलर लाइट स्थापित करने तथा पीआरडी कार्मिकों की तैनाती जैसी आवश्यकताओं को भी बैठक में रखा गया।

राजीव गांधी नवोदय विद्यालय देवलधार के संबंध में प्रस्तुत विवरण के अनुसार, विद्यालय में 97 छात्र एवं 119 छात्राएं, कुल 216 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बैठक में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी दी गई। विद्यालय में बाउंड्री वॉल एवं मुख्य प्रवेश द्वार की आवश्यकता बताई गई। इसके अतिरिक्त छात्रावास में बेड, स्टडी टेबल एवं कुर्सियों की कमी से भी अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी अधिकारियों के संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संपर्क किया जा सके। उन्होंने बच्चों के लिए आवश्यक आपातकालीन दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा भोजन कक्ष एवं डाइनिंग सुविधाओं की साफ-सफाई और उचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में बेडशीट, कंबल अथवा अन्य आवश्यक सामग्री की कमी है, वे तत्काल इसकी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा सकें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं दैनिक सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित अधिकारी इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दें।

इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति, मुख्य शिक्षा अधिकारी कमला बड़वाल, वार्डन सुनंदा, मधु, आशा बिष्ट, अदिति, प्रदीप शुक्ला, सुरेंद्र नेगी, डॉ आनंद पाल सिंह आदि संबंधित उपस्थित रहे।