उत्तराखंड
बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को विधि-विधान से खोले जाएंगे, 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया मंदिर परिसर
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक बाबा केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे. बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए केदारघाटी पहुंचने लगे हैं. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की चहल-पहल देखते ही बन रही है. केदारनाथ मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है।
बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल कहते हैं, “मंदिर के कपाट 02 मई को खुलेंगे और इससे संबंधित अनुष्ठान 27 अप्रैल से जारी हैं। डोली ने अपनी यात्रा ओंकारेश्वर, उखीमठ में भैरव पूजा के साथ शुरू की, फिर 28 अप्रैल को गुप्तकाशी, 29 अप्रैल को फाटा और 30 अप्रैल को गौरीकुंड पहुंची, जहां उसने रात्रि विश्राम किया।
आज (1 मई) डोली यहां पहुंचेगी, उसके बाद उन्होंने कहा, करीब 2 से 2.5 घंटे के अनुष्ठान के बाद यह तोशाखाना पहुंचेगा। हमने बाबा केदारनाथ धाम को 108 क्विंटल फूलों से खूबसूरती से सजाया है। पूरे परिसर को भव्य और दिव्य तरीके से सजाया गया है।
इस बार केदारनाथ मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। ऋषिकेश, गुजरात से आई पुष्प समिति द्वारा मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से भव्य रूप में सजाया गया है। मंदिर की इस आकर्षक सजावट को देखने के लिए भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। रंग-बिरंगे फूलों की सुगंध और भव्यता मंदिर को और भी दिव्य आभा प्रदान कर रही है।
जिला प्रशासन ने कपाट खोलने के अवसर पर हर प्रकार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर परिसर में पुलिस बल, आपदा राहत टीमें और मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है।
बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। देश के कोने-कोने से लोग यहां पहुंचे हैं और बाबा के जयकारों से सम्पूर्ण क्षेत्र गूंज रहा है। स्थानीय व्यापारियों और तीर्थ पुरोहितों में भी उत्साह का माहौल है, क्योंकि यह समय आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
इसी के साथ गुरुवार की शाम बाबा केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली भी केदारनाथ मंदिर पहुंच जाएगी। डोली के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और भक्ति संगीत के साथ समारोह आयोजित किया जाएगा। डोली के पहुंचने के साथ ही केदारनाथ धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिभाव चरम पर पहुंच जाएगा।
