कोई गौ और नंदी निराश्रित ना रहे-अध्यक्ष, उत्तराखंड गौसेवा आयोग

सू.वि.टिहरी

‘‘कोई गौ और नंदी निराश्रित ना रहे-अध्यक्ष, उत्तराखंड गौसेवा आयोग।‘‘

शुक्रवार को जिला सभागार नई टिहरी में उत्तराखंड गौसेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित राजेंद्र अणथवाल एवं जिलाधिकारी टिहरी मयूर दीक्षित की उपस्थिति में गौ आश्रय अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक आहूत की गई।

बैठक में जनपद में गौवंश के संरक्षक एवं सड़कों पर निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण एवं गौ सदनों के निर्माण हेतु किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। गौसेवा आयोग अध्यक्ष श्री अणथवाल ने कहा कि जनपद में मिसाल स्थापित करें कि कोई गौ और नंदी निराश्रित ना रहे। उन्हांेने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी भी गौसेवक है, अधिकारी उनके मिशन को पूरा करने के लिए अपने कार्य/दायित्वों कार्यों को गंभीरता से लेते हुए दिए गए निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि हम सब भाग्यशाली है कि हमें मानुष की योनि मिली है। मन से सेवा करने से आनंद की अनुभूति होगी।

गौसेवा आयोग अध्यक्ष श्री अणथवाल ने घायल गौवंश को गोसदन तक पहुंचाने हेतु हर ब्लॉक में लिफ्टिंग वैन की व्यवस्था करने को कहा। गौवंश को बचाने के लिए स्कूल में बच्चों को जागरूक करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गये। पशु क्रूरता के मामलों को रोकने/कम करने के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया गया। गौवंश को आवारा छोड़ने और दुहने के पश्चात स्वतंत्र विचरण छोड़ने वालों पर उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनयम-2007 के अंतर्गत उचित कार्यवाही करने, अर्थदंड वसूलने तथा थाने से दो लोगों को इसकी मॉनेटरिंग करने के निर्देश एसएसपी को दिये गये। एसएसपी ने बताया कि मॉनिटरिंग करते हुए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। जिलाधिकारी को घसियारी योजना से पोष्टिक चारा देने और गोसदन के कार्यों को मनरेगा से जुड़ने की बात कही।

जिलाधिकारी ने गौवंश की सुरक्षा के लिए सभी प्रकार से प्रयास करने को कहा। बैठक में आए गौ रक्षक द्वारा पानी की आवश्यकता, विद्युत आपूर्ति की माँग पर जिलाधिकारी ने सौर ऊर्जा से विद्युत उपलब्ध करने के निर्देश दिए। नरेंद्रनगर से गौ रक्षक द्वारा चारा मशीन और पानी की व्यवस्था की मांग पर जिलाधिकारी ने तुरंत कार्यवाही की निर्देश दिए।

इससे पूर्व सीवीओ डॉ. डी.के. शर्मा ने वर्तमान में कार्यरत पंजीकरण गौसदनों का विवरण देते हुए बताया कि जनपद के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में 1205 और शहरी क्षेत्र में 720 अर्थात् कुल 1925 निराश्रित पशुओं हैं। जनपद क्षेत्रांतर्गत निराश्रित परिव्यक्त गौवंश को शरण दिए जाने हेतु प्रस्तावित 12 कांजी हाउस गौशाला शरणालयो में घनसाली, देवप्रयाग, लंबगांव, कीर्तिनगर में निर्माण कार्य प्रगति पर एवं गजा में पेयजल हेतु टैंक का निर्माण के लिए धनराशि की मांग बताया गया। चमियाला में भूमि चयन और अन्य प्रस्तावित जगहों के लिए जिलाधिकारी ने पत्रावली कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। बताया कि अभी तक 75067 गौवंश की टैगिंग की जा चुकी है। इस पर अध्यक्ष महोदय ने पशुपालक की फोटो भी साथ में लगाने को कहा, ताकि गौवंश को छोड़ने वालों की जानकारी मिल सके। कहा कि रात्रि के समय गौवंश को दुर्घटना से बचाव हेतु रेडियम बेल्ट का प्रयोग करें, जिस पर बताया गया कि प्रक्रिया गतिमान है।

गौ रक्षक गोपाल रतूड़ी द्वारा माँग की गई की गौ माता के लिए टीनशेड की जगह पक्का शेड हो जिससे गर्मी में उनको कोई परेशानी न हो, इस पर अध्यक्ष जी ने पत्र देने की बात कही।

बैठक में एसएसपी आयुष अग्रवाल, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, डीएफओ पुनीत तोमर, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद् टिहरी मोहन रावत, गौ-रक्षक, सभी पशु चिकित्सा अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी और संबंधित लोग उपस्थित रहे।

Epostlive.com