उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री धामी ने की मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक,घाटों का होगा सौंदर्यीकरण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुम्भ मेला-2027, हरिद्वार की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियों को अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए। साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का आडिट किया जाए। हरिद्वार के सभी घाटों का सुंदरीकरण तथा आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण किया जाए। साथ ही हर की पैड़ी के साथ अन्य सभी घाटों पर भी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्नान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय सभागार में कुंभ की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियां अक्टूबर माह तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं। कहा, कुंभ मेले की भव्यता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि शासन स्तर पर कुंभ से जुड़ी कोई भी फाइल या कार्य लंबित नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कुंभ मेले का भव्य, दिव्य और सफल आयोजन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने सचिव लोक निर्माण विभाग को अगले 24 घंटे में कुंभ मेला क्षेत्र के लिए तकनीकी पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला क्षेत्र की स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसके लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त शौचालय और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वच्छता की विस्तृत कार्ययोजना बनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए।
अखाड़ों की भूमि आवंटन की निगरानी करें मेलाधिकारी, अतिक्रमण हटाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों, संत समाज, संस्थाओं, समितियाें एवं स्थानीय लोगों से परस्पर समन्वय किया जाए। उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए व्यापक स्तर पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाए।
