दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर मिली समस्त सुविधाएं, विशेष शिविर का सफल आयोजन संपन्न

सू.वि.टिहरी

“दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर मिली समस्त सुविधाएं, विशेष शिविर का सफल आयोजन संपन्न”

“प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ दिव्यांगजन विशेष शिविर, 309 का पंजीकरण”

“प्रमाण पत्र व सहायक उपकरण वितरण हेतु समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त शिविर”

‘जन-जन की सरकार’ की पहल, दिव्यांगजनों को मिला योजनाओं का लाभ

टिहरी  में आयोजित ‘जन-जन की सरकार के शिविरो’ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जनपद के कई दिव्यांगजन विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं सहायक उपकरणों से किसी कारणवश लाभान्वित नहीं हो पाए हैं।

इसी क्रम में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देशानुसार आज मुख्यालय के बौराड़ी स्थित प्रताप इंटर कॉलेज, नई टिहरी में दिव्यांगजनों एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को एक ही स्थान पर समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

यह शिविर समाज कल्याण विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा कुल 309 दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श हेतु विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था की गई, जिनमें मनोवैज्ञानिक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन आदि उपस्थित रहे।

शिविर के दौरान 120 लोगों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाए गए। साथ ही 15 लोगों के आधार कार्ड तैयार किए गए। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए, जिनमें 56 लोगों को कृत्रिम उपकरण, 10 लोगों को व्हीलचेयर, 24 लोगों को छड़ी, 20 लोगों को श्रवण यंत्र तथा 1-1 व्यक्ति को वॉकर एवं बैसाखी प्रदान की गई।

शिविर में दिव्यांगजनों की सुगम सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु परिवहन विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न विकासखंडों से दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को लाने-ले जाने के लिए 11-सीटर वाहनों की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रत्येक विकासखंड के लिए ब्लॉकवार नोडल अधिकारियों को नामित किया गया, जिनकी देखरेख एवं समन्वय में शिविर की समस्त व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सम्पन्न कराई गईं।

यह विशेष शिविर ‘जन-जन की सरकार’ की जनकल्याणकारी सोच एवं दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।