उत्तराखंड
जंगल की आग बुझाने गई महिला और फायर वाचर की दर्दनाक मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
उत्तराखंड में जंगलों में भड़क रही आग अब जानलेवा साबित हो रही है। टिहरी गढ़वाल और चमोली में आग बुझाने के प्रयास के दौरान दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग उठने लगी है।
बदरीनाथ हाईवे के समीप चीड़ के जंगल में लगी आग, बुझाने गए फायर वाचर की खाई में गिरने से मौत
बुधवार रात को बेड़ूबगढ़ बिरही में बदरीनाथ हाईवे के समीप चीड़ के जंगल में लगी आग को बुझाने गया फायर वाचर पाखी जलगवाड़ गांव निवासी राजेंद्र सिंह नेगी (42) पुत्र नंदन सिंह नेगी आग से झुलस कर करीब 70 मीटर नीचे खाई में जा गिरा। ढूंढ खोज के दौरान बृहस्पतिवार को सुबह खाई में उसकी बॉडी पड़ी मिली।
टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पैंडुला निवासी 50 वर्षीय अंजू देवी जंगल की आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गईं। बताया गया कि उनके घर के पास जंगल से आग फैलते हुए आबादी की ओर बढ़ रही थी। आग को घर तक पहुंचने से रोकने के लिए अंजू देवी आग बुझाने गई थीं। इसी दौरान वह लपटों में घिर गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिपोला निवासी 50 वर्षीय अंजू देवी बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जंगल में घास लेने गई थीं। इसी दौरान पैडूला के जंगलों में भीषण आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि आग फैलने पर महिला उसे बुझाने का प्रयास करने लगी, लेकिन अचानक लपटों की चपेट में आ गई। आग से उनके हाथ-पैर गंभीर रूप से झुलस गए।
परिवार और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने बताया कि महिला का बेटा उस समय बाजार गया हुआ था। शाम करीब पांच बजे घर लौटने पर जब मां घर में नहीं मिली तो उसने आसपास खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल में तलाश शुरू की, जहां महिला का अधजला शव बरामद हुआ। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को दी, लेकिन आरोप है कि विभागीय अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
