भीषण गर्मी में भारी यातायात दबाव के बीच ड्यूटी कर रहे जवानों के बीच पहुंचीं एसएसपी श्वेता चौबे, वितरित किए हैट एवं रिफ्रेशमेंट

टिहरी

भीषण गर्मी में भारी यातायात दबाव के बीच ड्यूटी कर रहे जवानों के बीच पहुंचीं एसएसपी श्वेता चौबे, धूप से बचाव हेतु वितरित किए हैट एवं रिफ्रेशमेंट; यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए स्वयं संभाली कमान.

चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन के दौरान मुनि की रेती क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव और भीषण गर्मी के बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे स्वयं सड़क पर उतरीं और यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न यातायात प्वाइंटों पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी कार्य परिस्थितियों की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।

तेज धूप और अत्यधिक तापमान के बीच लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे पुलिस कर्मियों के समर्पण, धैर्य एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए एसएसपी महोदया ने उन्हें गर्मी से राहत प्रदान करने हेतु हैट (टोपी) एवं रिफ्रेशमेंट सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मी विषम परिस्थितियों में भी जनसेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं तथा उनके स्वास्थ्य, सुविधा एवं मनोबल का ध्यान रखना विभाग की प्राथमिकता है।

एसएसपी श्रीमती श्वेता चौबे ने अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह व क्षेत्राधिकारी मुनि की रेती के साथ स्वयं यातायात संचालन की कमान संभालते हुए प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रियों, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को निर्बाध, सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तथा प्रत्येक व्यक्ति के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

एसएसपी महोदया ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति एवं ‘अतिथि देवो भवः’ की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। टिहरी पुलिस इसी भावना के साथ दिन-रात यात्रियों की सेवा एवं सुरक्षा में समर्पित भाव से कार्य कर रही है।

भीषण गर्मी और भारी यातायात दबाव के बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का स्वयं मैदान में उतरकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना तथा ड्यूटी पर तैनात जवानों के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन करना संवेदनशील एवं प्रेरणादायी नेतृत्व का उदाहरण रहा। इस पहल से पुलिस कर्मियों में नई ऊर्जा, उत्साह और कार्य के प्रति और अधिक समर्पण का भाव देखने को मिला।