तपोवन एसटीपी से गंगा में बहा गंदा पानी, संचालन फर्म पर 6.16 लाख जुर्माना, ब्लैकलिस्ट होगी

टिहरी

तपोवन एसटीपी से गंगा में बहा गंदा पानी, संचालन फर्म पर 6.16 लाख जुर्माना, ब्लैकलिस्ट होगी

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद तपोवन स्थित 3.5 एमएलडी सीवेज शोधन संयंत्र पर बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के निर्देश पर संचालन करने वाली फर्म मैसर्स इकोटेक इंजीनियरिंग पर 6.16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति शासन को भेज दी गई है।

क्या था मामला

वीडियो में एसटीपी के आउटलेट से बिना उपचारित सीवेज सीधे गंगा नदी में बहता दिखा था। जांच में सामने आया कि ग्रेविटी पाइपलाइन से अत्यधिक रसायनयुक्त सीवर आने के कारण एसटीपी के दोनों एसवीआर टैंकों का जैविक कल्चर पूरी तरह निष्क्रिय हो गया था।

अब तक की कार्रवाई

इकोटेक इंजीनियरिंग को जैविक कल्चर दोबारा सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
लगातार अनियमितता मिलने पर 6.16 लाख का अर्थदण्ड लगाया गया।
एसटीपी पर 6 सदस्यीय तकनीकी टीम तैनात की गई है।
फिलहाल एक एसवीआर टैंक में जैविक कल्चर विकसित हो चुका है। दूसरे टैंक में 2-3 दिन में कल्चर विकसित होने की संभावना है।

आगे की व्यवस्था

जिलाधिकारी ने बताया कि अगले दो महीने तक एसटीपी का संचालन किसी अन्य कंपनी से कराया जाएगा। इसके बाद निविदा प्रक्रिया से चयनित फर्म को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

एसडीएम नरेन्द्रनगर आशीष घिडियाल को एसटीपी के संचालन और शोधन प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।