उत्तराखंड में NEP-2020 लागू: कॉलेजों में 180 दिन, स्कूलों में 220 दिन पढ़ाई अनिवार्य, अपार ID और बायोमेट्रिक हाजिरी भी जरूरी

देहरादून

उत्तराखंड में NEP-2020 लागू: कॉलेजों में 180 दिन, स्कूलों में 220 दिन पढ़ाई अनिवार्य, अपार ID और बायोमेट्रिक हाजिरी भी जरूरी

उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के क्रियान्वयन में तेजी लाई गई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में अहम निर्देश जारी किए।

मुख्य घोषणाएं:

1. शिक्षण दिवस अनिवार्य
अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं राजकीय महाविद्यालयों में न्यूनतम 180 दिन और प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में 220 दिन कक्षाओं का संचालन अनिवार्य होगा।

2. रोजगारोन्मुख शिक्षा पर जोर
गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा के लिए पाठ्यक्रमों का उन्नयन किया जाएगा। क्रेडिट ट्रांसफर व्यवस्था, बहुविषयक शिक्षा, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।

3. डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था
– सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं की अपार ID बनाने के लिए विशेष अभियान चलेगा।
– सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजिलॉकर के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे।
– विश्वविद्यालयों में शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
– राजकीय महाविद्यालय उपलब्ध संसाधनों के आधार पर NAAC प्रत्यायन के लिए आवेदन करेंगे।

NEP प्रगति रिपोर्ट
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग और SCERT ने बताया कि NEP ट्रैकर के तहत मिले 202 कार्यों में से 71 पूरे हो चुके हैं, 111 पर कार्य जारी है, जबकि 20 कार्यों पर अभी शुरुआत की जानी है।

साथ ही दून विश्वविद्यालय और कुमाऊं विश्वविद्यालय इस वर्ष NIRF रैंकिंग के लिए आवेदन करेंगे।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रावधान समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को लचीली, कौशल आधारित और रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।