टिहरी: ‘धात्री स्वायत्त सहकारिता’ से जुड़ी महिलाएं बनीं मिसाल, DM नितिका खण्डेलवाल ने की सराहना
टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जौनपुर ब्लॉक के कैम्पटी में ‘धात्री स्वायत्त सहकारिता’ का निरीक्षण किया। यहां स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं पहाड़ी उत्पादों से अचार, जूस, हर्बल शैंपू, मोटे अनाज की मिठाइयों और रिंगाल के हस्तशिल्प तैयार कर रही हैं। DM ने इसे महिला सशक्तीकरण और स्थानीय आजीविका की प्रेरणादायक पहल बताया।
कई गांवों की महिलाएं जुड़ीं
संचालक विरेन्द्र वर्मा ने बताया कि मसूरी वन प्रभाग के लखवाड़ बांध कैट प्लान के तहत चल रही इस पहल से सिया, जेठू की काण्डी, काण्डी, डिगोन समेत कई गांवों की महिलाएं जुड़ी हैं। समूह पहाड़ी दालें, पारंपरिक मसाले, झंगोरा, मंडुवा आटा, बुरांश-नींबू-आंवला जूस, जैम, भीमल-रीठा-आंवला से बना केमिकल फ्री शैंपू, मंडुवा-झंगोरा बर्फी-लड्डू तैयार कर रहा है।
जंगल के उत्पाद बन रहे आय का जरिया
क्षेत्र में तिमला, बेडू, किनगोड़, हिंसर, टिमरू, कड़ी पत्ता, आंवला, रीठा, बिच्छूघास, तेजपात प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। इनका वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण कर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाकर बाजार तक पहुंचाए जा रहे हैं। महिलाओं को ढींगरी मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी दिया गया है। ढींगरी मशरूम का अचार उपभोक्ताओं को खूब पसंद आ रहा है।
DM बोलीं- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित ये प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उन्होंने संचालक विरेन्द्र वर्मा के प्रयासों की सराहना की और अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।
