देहरादून-ऋषिकेश फोरलेन: सीएम का बड़ा फैसला, पेड़ कटान पर लगी रोक, कहा- सहमति बनने तक नहीं होगा काम

देहरादून-ऋषिकेश फोरलेन: सीएम का बड़ा फैसला, पेड़ कटान पर लगी रोक, कहा- सहमति बनने तक नहीं होगा काम

जनभावनाओं और पर्यावरण को प्राथमिकता, सभी पक्षों से संवाद के बाद ही आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट

देहरादून

देहरादून-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना पर मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लिया है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंताओं को देखते हुए प्रोजेक्ट के तहत होने वाले पेड़ों के कटान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सीएम ने साफ कहा कि जब तक सभी पक्षों में संतोषजनक सहमति नहीं बन जाती, तब तक एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा।

क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ दिनों से देहरादून-ऋषिकेश फोरलेन प्रोजेक्ट को लेकर नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने चिंता जताई थी। पेड़ों की कटाई और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को लेकर लगातार सुझाव और विरोध सामने आ रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने इन चिंताओं और सुझावों का गंभीरता से संज्ञान लिया है। विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।”

NHAI का प्रोजेक्ट, हाई कोर्ट के निर्देश पर हो रहा था काम
यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है। इस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों के बाद काम किया जा रहा था।

वन्यजीव संरक्षण का भी रखा गया ध्यान
सीएम ने बताया कि परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के लिए भी खास इंतजाम हैं। लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास और छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट का प्रावधान किया गया है। इससे इस रास्ते में अक्सर होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत की घटनाओं में कमी आएगी।

अब आगे क्या होगा?
1. संवाद से निकलेगा रास्ता: प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए।
2. हाई कोर्ट का सम्मान: सीएम ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए ही आगे की कार्यवाही होगी।
3. पेड़ कटान पर रोक: जब तक सभी पक्षों के साथ सहमति और विश्वास का माहौल नहीं बन जाता, तब तक परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रहेगा।