केदारघाटी में भूस्खलन से मुश्किल हुई यात्रा, स्थानीय कारोबार पर पड़ा असर

रुद्रप्रयाग

बारिश से धीमी पड़ी केदारनाथ यात्रा, रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या 1000 से नीचे

केदारघाटी में भूस्खलन से मुश्किल हुई यात्रा, स्थानीय कारोबार पर पड़ा असर

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता का सीधा असर चारधाम यात्रा पर दिख रहा है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। अब रोजाना धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक हजार से भी कम रह गई है।

प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, मौसम खराब होने और मार्ग बाधित होने से यात्री रुक-रुक कर आ रहे हैं। यात्रियों की संख्या घटने से केदारघाटी के होटल, दुकान और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों पर भी असर पड़ा है। कारोबारियों का कहना है कि इस सीजन में आमदनी काफी कम हो गई है।

पैदल मार्ग और हाईवे पर भूस्खलन
लगातार बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं। श्रद्धालुओं को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पत्थर और मलबा गिरने से आवागमन जोखिम भरा हो गया है।

स्थानीय लोग रात और तड़के सफर को सबसे ज्यादा खतरनाक बता रहे हैं।

रात में वाहनों पर रोक की मांग
श्री केदारधाम होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बरसात में यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए केदारनाथ हाईवे पर रात के समय एक निश्चित अवधि के बाद वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में कांवड़ यात्रा शुरू होगी। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को अपनी तैयारियां पहले से मजबूत करनी होंगी ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।

प्रशासन का दावा
अधिकारियों का कहना है कि मार्ग को सुचारु रखने के लिए मलबा हटाने और मरम्मत का काम लगातार चल रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।