चारधाम परियोजना: सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में फिर हुआ भूस्खलन, अंदर फैला मलबा; कंपनी ने खतरे से किया इनकार

उत्तरकाशी

चारधाम परियोजना: सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में फिर हुआ भूस्खलन, अंदर फैला मलबा; कंपनी ने खतरे से किया इनकार

चारधाम ऑल वेदर सड़क परियोजना की सबसे अहम सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में एक बार फिर भूस्खलन का मामला सामने आया है। यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन इस सुरंग के पोलगांव-बड़कोट छोर से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा गिरने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है।

जानकारी के अनुसार सुरंग के भीतर करीब 1300 मीटर की दूरी पर पहाड़ी का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे अंदर मलबा फैल गया। घटना के बाद निर्माणाधीन टनल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि, निर्माण कर रही कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने किसी भी बड़े खतरे से इनकार किया है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि सुरंग के अंदर करीब 1300 मीटर पर कुछ मलबा गिरा है, जिसे हटाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनल निर्माण के दौरान इस तरह की घटनाएं सामान्य हैं और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

गौरतलब है कि करीब 4.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग उत्तराखंड की सबसे लंबी सड़क सुरंग है। इसका निर्माण 2018 में शुरू हुआ था और इसे 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन जटिल भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के कारण काम में देरी होती गई। 2024 में सुरंग को आर-पार किया जा चुका है और वर्तमान में लगभग 90% सिविल कार्य पूरा हो चुका है। अब इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह वही सुरंग है जो नवंबर 2023 में देशभर में चर्चा में आई थी, जब सिलक्यारा छोर से करीब 200 मीटर अंदर भारी भूस्खलन के बाद 41 मजदूर 17 दिनों तक सुरंग के अंदर फंस गए थे। उस दौरान चले देश के सबसे बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।

विशेषज्ञों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्र की कमजोर चट्टानों के कारण इस सुरंग में निर्माण के दौरान लगातार चुनौतियां सामने आ रही हैं।