चम्पावत
रक्षाबंधन पर वाराहीधाम में होगा अनोखा पत्थर युद्ध, चार खामों की सेनाएं तैयार
उत्तराखंड के चम्पावत जिले के प्रसिद्ध वाराहीधाम देवीधुरा में रक्षाबंधन पर होने वाले विश्व प्रसिद्ध बग्वाल युद्ध की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल 28 अगस्त को खोलीखाड़ दुर्वाचौड़ मैदान में चार खामों के बीच ऐतिहासिक बग्वाल खेली जाएगी।
रविवार को बग्वाल मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने हनुमान मंदिर से वाराही मंदिर तक भव्य झांकी निकाली। 13 दिवसीय यह मेला 23 अगस्त से 4 सितंबर तक चलेगा।
मान्यता के अनुसार यहां पहले नरबलि दी जाती थी। चम्याल खाम की एक वृद्धा की तपस्या से प्रसन्न होकर मां वाराही ने एक व्यक्ति के बराबर रक्त बहने पर पूजा स्वीकार करने का वरदान दिया था, तब से बग्वाल परंपरा शुरू हुई। पहले पत्थरों से बग्वाल होती थी, लेकिन 2013 से कोर्ट के आदेश के बाद फल-फूलों से प्रतीकात्मक बग्वाल खेली जा रही है।
बग्वाल में चम्याल, गहड़वाल, वालिक और लमगड़िया चार खामों के रणबांकुरे हिस्सा लेते हैं। गहड़वाल केसरिया, चम्याल गुलाबी, वालिक सफेद और लमगड़िया पीले साफे पहनकर लाठी और फर्रे की ढाल से युद्ध करते हैं।
