टिहरी
अविरल गंगा यात्रा में पदयात्रा, श्रमदान और जनसंवाद के माध्यम से संरक्षण का संदेश
नई टिहरी पहुंची यात्रा, गणेश चौक पर मेडिकल कॉलेज आंदोलन को दिया समर्थन
टिहरी गंगा की अविरलता और निर्मलता, आध्यात्मिक जागरण, सामाजिक परिवर्तन तथा पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ ‘अविरल गंगा यात्रा–2026’ जनजागरण का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। गंगोत्री से हरिद्वार तक चल रही इस यात्रा में सहभागी तिरंगे के साथ पदयात्रा, गंगा तटों पर सामूहिक श्रमदान, जनसंवाद, गीतों, नारों एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आमजन को गंगा संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
यात्रा के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रचनात्मक गतिविधियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों को नदी एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, कर्मचारियों, महिलाओं, साधु-संतों तथा समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े वंचित और शोषित वर्गों से संवाद कर उनकी समस्याओं, अनुभवों और चिंताओं को समझने का प्रयास भी यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यात्रा के छठे दिन यात्रियों ने कोटी कॉलोनी में सायं 6 बजे गंगा आरती में भाग लिया और गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने का संदेश दिया। इसके बाद यात्रा नई टिहरी पहुंची, जहां यात्रियों ने नई टिहरी के विधि विहार क्षेत्र में श्रमदान कर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसके पश्चात जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, बौराड़ी में ध्वजारोहण किया गया। राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ ध्वज वंदन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा ने ध्वजारोहण कर यात्रियों का स्वागत करते हुए यात्रा की सफलता की शुभकामनाएं दीं।
राकेश राणा ने कहा कि राजा भगीरथ ने जनकल्याण के लिए मां गंगा को धरती पर लाने का महान संकल्प लिया था। आज हमारा भी कर्तव्य है कि हम मानव कल्याण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए मां गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने का संकल्प लें। गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था, जीवन और सभ्यता की आधारशिला है। इसलिए गंगा को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का धर्म और सामाजिक दायित्व है।
पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसरफ़ अली ने कहा कि गंगा के मार्ग में होटल रिसोर्ट कल कारखाना फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ गंगा में बहाया जा रहा है और विभिन्न प्रकार के ट्रीटमेंट प्लान भी सही तरीके से नहीं चल रहे हैं जिससे मां गंगा प्रदूषित हो रही है।
गंगा को स्वच्छ और साफ रखने में गंगा अविरल बहे निर्मल रहे यह हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यात्री विजेंद्र मेव ओर अमिता विश्वकर्मा ने कहा कि ‘अविरल गंगा यात्रा’ केवल पदयात्रा नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक चेतना जगाने का अभियान है। यात्रा जिस उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रही है, वह तभी सफल होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
इसके बाद यात्रियों ने नई टिहरी बाजार में पदयात्रा निकाली। यात्रा के दौरान गीतों, नारों और जनसंवाद के माध्यम से गंगा संरक्षण का संदेश दिया गया। पदयात्रा गणेश चौक पहुंची, जहां पिछले दो माह से टिहरी मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर चल रहे धरने को यात्रियों ने समर्थन दिया। इसके बाद यात्रा जखणीधार की ओर आगे बढ़ गई।
यात्रा में राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए यात्री शामिल हैं। इनमें विजेंद्र मेव, अमिता विश्वकर्मा, अजब सिंह खीचड़, दिनेश गर्ग, अरविंद संधू, अशोक सिकरवार, लक्ष्मण हसदा, तारा जाधव, काशी राम, रणदीप सिंह खीचड़, जुगल हटीला, कुसागर गड़वासरा, रविशंकर एवं राजेंद्र आर्य शामिल रहे।
यात्रा के नई टिहरी पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा, पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसरफ अली, पीसीसी सदस्य देवेंद्र नौटियाल, नगर पालिका सभासद नवीन सेमवाल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत, शगुफ्ता प्रवीण, ज्येष्ठ प्रमुख रागढ़ अनीता पैन्यूली, बृहस्पति भट्ट, रोशन नौटियाल, वीरेंद्र दत्त सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों एवं स्थानीय नागरिकों ने यात्रियों का स्वागत किया।
अविरल गंगा यात्रा का स्पष्ट संदेश है कि गंगा का संरक्षण किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वयं से, समाज से और प्रकृति से जुड़ने की भावना के साथ यह यात्रा लोगों से गंगा संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान कर रही है।
