ऋषिकेश
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: मुआवजे की मांग पर तीन गांवों के ग्रामीणों का आंदोलन तेज, कोर्ट के आदेश के पालन की मांग
जनासू, खिलगढ़ मल्ला और खिलगढ़ तल्ला के प्रभावित परिवार बोले- 4 गुना प्रतिकर और 12% ब्याज नहीं मिला तो आंदोलन होगा उग्र
रेल विकास निगम लिमिटेड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित तीन गांवों के ग्रामीणों ने मुआवजे को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। जनासू, खिलगढ़ मल्ला और खिलगढ़ तल्ला गांव के प्रभावित परिवारों ने प्रशासन पर उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया है।
क्या है मामला
ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना के लिए उनकी जमीनों का अधिग्रहण किया गया था। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में चार गुना प्रतिकर और 12 प्रतिशत ब्याज का प्रावधान है। उच्च न्यायालय ने भी प्रभावितों को नियमानुसार भुगतान का आदेश दिया था। आरोप है कि आदेश के बावजूद आज तक निर्धारित प्रतिकर राशि का भुगतान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का आरोप
आंदोलनकारियों ने बताया कि कई बार जिला प्रशासन और RVNL के अधिकारियों के सामने मांग रखी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परियोजना के कारण खेती और रोजगार छिन गया है। मुआवजा न मिलने से परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे हैं।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक सभी प्रभावित किसानों को चार गुना प्रतिकर और 12 प्रतिशत ब्याज समेत भुगतान नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी गई है। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
परियोजना का महत्व
125 किमी लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन चारधाम रेल परियोजना का हिस्सा है। इससे गढ़वाल क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना का बड़ा हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है।
