NEET पेपर लीक: सोनम वांगचुक का 27 दिन बाद अनशन खत्म, सरकार से 3 मांगों पर लिखित आश्वासन मिला

नई दिल्ली

NEET पेपर लीक: सोनम वांगचुक का 27 दिन बाद अनशन खत्म, सरकार से 3 मांगों पर लिखित आश्वासन मिला

जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नहीं बनी बात, CJP का आंदोलन जारी रहेगा

NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात 27वें दिन अपना अनशन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक को जूस पिलाया।

3 मांगों पर सरकार का लिखित आश्वासन
वांगचुक ने शुक्रवार को वीडियो संदेश में बताया कि दो दिन की बातचीत के बाद सरकार ने तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया है:
1. आंदोलनकारी छात्रों पर कोई केस दर्ज नहीं होगा
2. पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही पर संसद में चर्चा कराई जाएगी
3. आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा

इस्तीफे पर नहीं बनी सहमति
वांगचुक ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार ने कोई आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे अहम बात छात्रों पर कार्रवाई रुकवाना थी। प्रधान का इस्तीफा इतना जरूरी नहीं था। आगे की लड़ाई के लिए जान बचाना जरूरी था।”

65 सांसदों का मिला समर्थन
वांगचुक ने बताया कि विभिन्न दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे संपर्क किया और संसद में NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि बाकी मुद्दों पर दूसरे तरीकों से संघर्ष जारी रहेगा।

CJP का आंदोलन जारी रहेगा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके ने अनशन खत्म होने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा।

सोनम वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठे थे। उनकी मुख्य मांगें थीं: प्रधान का इस्तीफा, निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और पीड़ित परिवारों को मुआवजा।