नई दिल्ली
3 साल बाद आया फैसला: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी, पहलवान करेंगे अपील
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप से बरी कर दिया है. जनवरी 2023 में 6 महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे. एक मामले में उन पर पॉक्सो एक्ट (POCSO) भी लगा था. जिसे पिछले साल दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट ने बंद कर दिया था. अब बृजभूषण सिंह को एक बार फिर कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. आईए जानते हैं बृजभूषण शरण सिंह के विवादों में फंसने से लेकर पूरी तरह मामले से बरी होने के बीच क्या-क्या हुआ.
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में करीब 3 साल बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ WFI के पूर्व अध्यक्ष और BJP के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है.
ACJM अश्विनी पंवार की कोर्ट ने सोमवार को सुनाए गए फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा.
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से कहा, “मुझे पूरा भरोसा था कि न्याय होगा. मैंने कभी खुद को अपराधी नहीं माना. होइहि सोइ जो राम रचि राखा.” कोर्ट परिसर के बाहर उनके समर्थकों ने उन्हें माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया.
पहलवानों की प्रतिक्रिया
इस फैसले से पहलवानों को निराशा हुई है. ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया ने कहा, “समझ नहीं आ रहा किस आधार पर बरी किया गया. हम लड़ाई जारी रखेंगे.”
विनेश फोगाट की वकील सीनियर एडवोकेट रेबेका जॉन ने कहा कि 4 महिला पहलवानों ने कोर्ट में ईमानदारी से गवाही दी थी. विनेश फोगाट ने X पर पोस्ट कर कहा, “हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है. जल्द ही अपील फाइल की जाएगी.”
क्या था पूरा मामला
जनवरी 2023 में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत देश की टॉप महिला पहलवान सड़कों पर उतरी थीं. उनका आरोप था कि WFI अध्यक्ष रहते हुए बृजभूषण ने कई महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया, उन्हें टारगेट किया और धमकाया.
15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने करीब 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. पुलिस ने IPC की धारा 354, 354A, 354D और 506 के तहत केस दर्ज किया था. मई 2024 में कोर्ट ने बृजभूषण पर आरोप तय किए थे.
एक नाबालिग पहलवान का POCSO वाला मामला भी था, लेकिन बाद में उसने शिकायत वापस ले ली थी. इसलिए उस केस को बंद कर दिया गया.
इस आंदोलन के दौरान साक्षी मलिक ने संन्यास ले लिया था और बजरंग पूनिया ने पद्मश्री लौटा दी थी.
राजनीतिक असर
बृजभूषण 6 बार सांसद रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP ने उनका टिकट काटकर कैसरगंज से उनके बेटे को मैदान में उतारा था, जो चुनाव जीत गए.
आगे की राह
पहलवानों के वकीलों ने साफ कहा है कि वो इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील दायर करेंगे. कानूनी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.
