रुद्रप्रयाग
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में धरने पर बैठे युवा नेता मोहित डिमरी
सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
रुद्रप्रयाग विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने सोमवार को रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी तथा चिकित्सा सुविधाओं के अभाव के विरोध में धरना दिया। धरने के माध्यम से उन्होंने राज्य सरकार से जनपद में रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए मोहित डिमरी ने कहा कि स्वास्थ्य प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन रुद्रप्रयाग की जनता वर्षों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में आज भी ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और जनरल सर्जन के पद रिक्त हैं। महिला रोग विशेषज्ञ का केवल एक संविदा चिकित्सक होने के कारण महिलाओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जबकि जनपद में कम से कम दो स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों की आवश्यकता है। इसी प्रकार बाल रोग विशेषज्ञ भी केवल एक ही हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे जनपद में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण अल्ट्रासाउंड सहित अन्य रेडियोलॉजी सेवाओं पर अत्यधिक दबाव है। रेडियोलॉजिस्ट पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी होने से मरीजों को समय पर जांच और रिपोर्ट मिलने में कठिनाई होती है। उन्होंने रेडियोलॉजी सेवाओं को मजबूत करने की मांग भी उठाई।
मोहित डिमरी ने 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई एम्बुलेंसों की स्थिति अत्यंत खराब है। आपातकालीन सेवाओं का मजबूत होना किसी भी जिले की प्राथमिक आवश्यकता है, लेकिन रुद्रप्रयाग में यह व्यवस्था भी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।
उन्होंने नर्सिंग स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय के कई नर्सिंग कर्मियों का वेतन यहीं से निर्गत हो रहा है, जबकि उनकी सेवाएं अन्य जिलों में ली जा रही हैं। यदि उनका विधिवत स्थानांतरण किया जाए तो रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां संभव हो सकती हैं और स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
डिमरी ने यह भी कहा कि जिला चिकित्सालय की ओपीडी से मरीजों को कोटेश्वर अस्पताल के वार्ड में भर्ती करने के लिए भेजा जाता है, लेकिन मात्र कुछ किलोमीटर की दूरी तय कराने के लिए भी अस्पताल के पास कोई वाहन उपलब्ध नहीं है। इसका खामियाजा गरीब और गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों (IPHS) के अनुसार जिला चिकित्सालयों में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, जांच सुविधाएं और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय इन मानकों से काफी पीछे है।
मोहित डिमरी ने राज्य सरकार से मांग की कि जिला चिकित्सालय में सभी रिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों के पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाएं, रेडियोलॉजी एवं अन्य जांच सेवाओं को सुदृढ़ किया जाए, नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर की जाए, 108 एम्बुलेंस सेवा को बेहतर बनाया जाए तथा मरीजों को जिला चिकित्सालय से कोटेश्वर अस्पताल तक ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
धरने के उपरांत मोहित डिमरी ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि सरकार को जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए 15 दिनों का समय दिया जा रहा है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो जनहित में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी।
उन्होंने कहा कि वह रुद्रप्रयाग की जनता के स्वास्थ्य के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक जनपद को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
