
उत्तराखंड
परमार्थ निकेतन में गुरुवार की गंगा आरती देश के पहले सीडीएस जनरल स्व. बिपिन रावत और उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत को समर्पित की गई। सात दिसंबर को परमार्थ निकेतन की गंगा आरती में महाराष्ट्र से निवृति यादव, सीडीएस जनरल स्व. बिपिन रावत के पैतृक गांव से उनके स्वजन और राष्ट्र की सेवा करने वाले सेना के जाबांज जवानों ने सहभाग किया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के सान्निध्य में सभी ने मिलकर सीडीएस जनरल स्वर्गीय बिपिन रावत और उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत को मौन रखकर श्रद्धाजंलि अर्पित की।
भारत के लिए योगदान को आने वाली पीढ़ियां रखेंगी याद
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने अपना पूरा जीवन मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। अपनी मातृभूमि के प्रति उनके अनुकरणीय योगदान और प्रतिबद्धता को शब्दों के माध्यम से व्यक्त नहीं किया जा सकता, उन्होंने भारत के लिए जो योगदान दिया उसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेगी। उनका अचानक चले जाना भारत, भारतीयों व स्वजनों के लिए अत्यंत वेदना व पीड़ा देने वाला क्षण था।
इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पूरे रावत परिवार और सेवा के अधिकारियों को रुद्राक्ष का दिव्य पौधा व्यक्त किया। गंगा आरती में विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ट, लेफ्टिनेंट जनरल राकेश शर्मा, भरत सिंह रावत, प्रमोद गुप्ता, कर्नल जेपी सिंह, देवेन्द्र सिंह, रविन्द्र सिंह, हरिनंदन सिंह रावत, प्रदीप कुमार शर्मा आदि शामिल रहे।