उत्तराखण्ड
धामी कैबिनेट की बैठक हुई खत्म, इन छह प्रस्तावों पर लगी मुहर….
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को देहरादून स्थित सचिवालय में हुई बैठक में 6 प्रस्तावों पर मुहर लग गई। इनमें सबसे अहम मुद्दे कैबिनेट में बोनस एक्ट, ईएसआई में डॉक्टर्स के पदों पर मंजूरी, कारागार एक्ट में संशोधन, सूक्ष्म खाद्य योजना और वन विभाग के के दैनिक कर्मियों को न्यूनतम मानदेय से संबंधित हैं।
1. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूती– गृह विभाग के अंतर्गत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 22 नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस फैसले से राज्य में नशे के खिलाफ अभियान को और बल मिलने की उम्मीद है।
2. पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 वापस– श्रम विभाग से जुड़े निर्णय में पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लेने का फैसला लिया गया। यह प्रावधान कोविड काल के दौरान लाया गया था, जिसमें उद्योगों के सरप्लस में होने पर ही बोनस देने का नियम था।
अब चूंकि केंद्रीय पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 प्रभावी है, इसलिए राज्य का संशोधित एक्ट वापस लिया गया। इससे कर्मचारियों को केंद्रीय कानून के तहत बोनस का लाभ मिलेगा।
3. ईएसआई डॉक्टरों के पदों पर मंजूरी– कैबिनेट ने उत्तराखंड एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस सर्विस स्कीम 2026 पर मुहर लगाई। इसके तहत ईएसआई डॉक्टरों के कुल 94 पदों को मंजूरी दी गई। इनमें:
मेडिकल ऑफिसर- 76 पद
असिस्टेंट डायरेक्टर- 11 पद
लेवल 12-6 पद
एडिशनल डायरेक्टर (लेवल 13)- 1 पद
इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
4. आदतन अपराधी की परिभाषा में बदलाव– कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार एक्ट से जुड़े प्रावधान में संशोधन करते हुए तय किया कि आदतन अपराधियों को अब पूर्व के एक्ट के अनुसार परिभाषित किया जाएगा।
5. वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को राहत– वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने शेष 589 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान देने को मंजूरी दी। कुल 893 में से पहले ही कई श्रमिकों को यह लाभ मिल चुका था।
6. सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना जारी- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। जब तक केंद्र की योजना (2025-26 तक) प्रभावी रहेगी, तब तक राज्य की योजना भी चलती रहेगी।
